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मथुरा

  1. श्री कृष्ण जन्म स्थान - यह वह स्थान है जहाँ कंस की काली कोठरी में भगवान् श्री कृष्ण का प्रादुर्भाव हुआ। वर्तमान में गर्भग्रह के अतिरिक्त केशव देव एवम भगवान् भवन अत्यंत मनोहारी मंदिर है।यह स्थल रेलवे स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।
  2. विश्राम घाट - यमुना तट पर वह पवित्र घाट जिस पर भगवान् श्री कृष्ण ने कंस का वध करने के पश्चात विश्राम किआ था, शहर के मध्य स्थित है।
  3. द्वारिकाधीश मंदिर - 1814 ई. में निर्मित शहर के मध्य यमुना तट के निकट भव्य मंदिर है। श्रवण मॉस , हिंडोला जन्माष्टमी एव् दीपावली के प्रमुख पर्व है।
  4. गीता मंदिर - मथुरा वृन्दावन मार्ग पर नगर की बाहरी सीमा पर स्थित भव्य मंदिर है। जिसे बिरला मंदिर के नाम से जाना जाता है।
  5. राजकीय संग्रालय - शहर के मध्य डेम्पियर नगर में रेलवे स्टेशन के लगभग 2.5 किलोमीटर दूर अवस्तिथ है जो मथुरा कला शैल्ली एवम् पुरातात्विक सभ्यता का प्रदर्शक है। इसमें कृष्ण ,गुप्त एव पशवर्ति काल के दुर्लभ प्रतिमाये द्रष्टव्य है। प्रत्येक सोमवार राजपत्रित अवकाश ऐवम त्रितय रविवार को बंद रहता है।

वृन्दावन

ब्रज के उन वनो में से एक जो श्री कृष्ण की रास ऐवें अन्य लीलाओ का स्थल है, मथुरा के लगभग 16 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित सुन्दर वास्तु के घाटों एवम् अन्य भव्य मंदिरो का स्थल वृन्दावन है। यहाँ छोटे छोटे लगभग 3000 मंदिर स्थित है। यह सड़क एवम् रेलमार्ग से संबद्ध है। ये एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है।

  1. श्री बांकेबिहारी मंदिर- प्राचीन मंदिर में से एक अन्य भव्य मंदिर है। मान्यता है की संत हरिदास जी की प्रार्थना पर श्री कृष्ण मूर्ति रूप में निधिवन में प्रकट हुए। इस प्रतिमा को उनके शिस्यो ने 1921 में इस मंदिर का निर्माण कर प्रतिष्टि कराया।
  2. श्री रंगजी मंदिर- सन् 1851 में गोविन्द दास राधा कृष्ण द्वारा 5 लाख रूपये से बना ये विशाल मंदिर दक्षिण भारतीय शेल्ली का मंदिर है। इसका प्रमुख द्वार राजस्थानी शेल्ली से निर्मित है।मंदिर के प्रांगण में ऊंचा स्वर्ण ध्वज स्तम्भ है।
  3. राधाभललभ मंदिर - सन् 1626 में निर्मित ये प्राचीन मंदिर स्थापत्य कला की दृष्टि से आकर्षक है।
  4. निधिवन - संत हरिदास जी की यह साधना स्थली है। मान्यता है की आज भी भगवान् श्री कृष्ण रात्रि में श्री राधा जी एवम् गोपियो के सथरास विहार करते है।मंदिर बांके बिहारी की प्रतिमा भी यहीं प्रकट होना
  5. सेवा कुंज - इसे भी विहार स्थली मन जाता है। यह स्थान राधा वल्लभ सम्प्रदाय के आचार्य श्री गौ स्वामी हित हरिवंश जी की साधना स्थल है।

उपरोक्त के अतिरिक्त प्राचीन वास्तु के मदन मोहन मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, गोविन्द देव मंदिर और आधुनिक मंदिरो में श्री कृष्ण बलराम मंदिर(इस्कॉन), कांच का मंदिर , श्री राधेश्याम मंदिर आदि दर्शनीय मंदिर है।

मथुरा वृन्दावन पुनरीक्षित महायोजना भाग क 2021 में 612.84 हेक्टेयेरभूमि आरक्षित की गयी है जहाँ पर पप्रदूषण रहित उद्योग ही अनुमन्य रहेंगे। जिससे लगभग 161.28 हेक्टेयर भूमि यु.पि.एस.डी.सी.की है। रिफिनेरी क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 822.92 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक उपयोग के अन्तर्गर विद्याममं है।

आज के आधुनिक युग में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से संभंधित उद्योग में निरंतर निवेश हो रहा है। उक्त क्रिया में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। मथुरा वृन्दावन नयी दिल्ली को जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर स्थित है। नॉएडा आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण उपरान्त भी ये क्षेत्र सुचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक एहम क्षेत्र बना सकता है। उक्त को दृस्टिगत रखते हुए 160.00 हेक्टयेर भूमि सुचना प्रौद्योगिकी उद्योग के रूप में प्रस्तावित की गयी है।

वर्ष 2021 तक भावी आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए पुंरिकहित महायोजना के प्रस्ताव में 139.26 हेक्टयी भूमि का प्रस्ताव किआ गया है। जिला प्रशासन् एवम् पुलिस प्रशासन के अनुरोध पर 76.80 हेक्टयेर भूमि आगरा मार्ग पर रिफाइनरी के बाद कुरकुंदा गाव में प्रस्तावित की गयी है।

सामुदायिक सुविधाएं , उपयोगिताएँ एवम् सेवाएं। - इसका तात्पर्य यह है की नागरिक जीवन की उन मुलभुत आवश्यकताओं से है जो सभी समुदाय के लिए आवश्यक होती है। इसमें प्रमुख रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य ,पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन ,डाक एवम् तार घर, विद्युत् , जलापूर्ति आदि नागरिक सुविधाये उप्योगीताय एवम् सेवाएं उपलब्ध कराना है।

  1. बी.डी.पी. राजकीय इंटर कॉलेज,मथुरा
  2. डी.ए.बी. उ.मा.वि., मथुरा
  3. ब्लेक स्टोन कन्या उ.मा.वि. ,मथुरा
  4. सरलादेवी कन्या उ.मा.वि., मथुरा
  5. इस्लामिया इंटर कॉलेज , मथुरा
  6. सेठ वी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज ,मथुरा
  7. चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज ,मथुरा
  8. क्लैंसी इण्टर कॉलेज, मथुरा
  9. हजारीमल सैमानि नगरपालिका इंटर कॉलेज ,मथुरा
  10. जैन इंटर कॉलेज, मथुरा